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वैदिक ज्योतिष- अपने आप में सदियों से पूर्ण विवादित प्रश्न

वैदिक ज्योतिष, अपने आप में सदियों से पूर्ण विवादित प्रश्न ज्योतिष के विषय पर लाखों लोगों की अपनी-अपनी विवादित राय, कई लोगों की नजर में ज्योतिष सिर्फ भ्रम फैलाने का कार्य है, कई लोगों की नजर में लोगों को ठगने का माध्यम तो कई लोगों की राय में यह कोई विद्या ही नहीं है, सिर्फ भ्रामकता है, तो कई लागों की राय में यह एक परिपक्व एवं शास्त्रोक्त विद्या तो कुछ लोगो की नजर में समय पास करने का एक सशक्त माध्यम! लेकिन वास्तविकता यह है कि यह एक परिपूर्ण एवं शास्त्र सम्मत विज्ञान है और पूर्ण रूप से नक्षत्रों एव ग्रहों पर आधारित ज्ञान है, जो हजारों वर्षों से विद्यमान है!!

सम्पूर्ण चराचर जगत जीव-जन्तु, प्राणी मात्र, सजीव एवं निर्जीव समस्त जल, थल, अग्नि, वायु एवं आकाश ये पंच तत्व भी नक्षत्रों एवं ग्रहों द्वारा संचालित होते हैं! इन नक्षत्रों एवं ग्रहों, राशियों का ज्ञान ही ज्योतिष विज्ञान है! हमारे पुरातन वेदों में इसे वेदों की आंखें कहा गया है! न सिर्फ भारतवर्ष में बल्कि अन्य कई देशों में वहां के संतों एवं दार्शनिकों ने ग्रहों और नक्षत्रों का अध्ययन कर भविष्य के प्रति अपनी भविष्यवाणियां की हैं! यूनान के प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रोदोनोमस एवं कीरो के नाम से शायद ही कोई अनभिज्ञ होगा, जिन्होंने भी ग्रहों एवं नक्षत्रों का अध्ययन कर भविष्य के प्रति लोगों को सचेत किया है! लंकापति रावण,ज्योतिष विद्या का महान ज्ञाता था और ग्रहों की चाल एवं नक्षत्रों के ज्ञान से वह भली-भांति जानता था कि उसका और उसके परिवार का क्या हश्र होना है!! आदरणीय पराशर होरा शास्त्र, भृगु संहिता,रावण संहिता, लाल किताब, ताड़ पत्रों पर लिखा नाड़ी शास्त्र इसके जीवंत उदाहरण हैं! इन सबकी सत्यता एवं वर्तमान में होने वाले मानवीय जीवन पर इनके प्रभाव को झुठलाया नहीं जा सकता है! हां, ये बात जरूर है कि वर्तमान भौतिक युग में कई पाखंडियों ने इसे धन कमाने का माध्यम बना लिया है और वो येन-केन-प्रकारेण लोगों को मूर्ख बनाने में कसर नहीं छोड़ते है!

इस कारण लोगों का इस पर से विश्वास उठता जा रहा है! हमें जरूरत है इस प्रकार के पाखंडियों से बचने की, न कि हजारों वर्षों से चली आ रही हमारी पुरातन शास्त्रोक्त विद्या से! ज्योतिष एक सशक्त माध्यम है हमारे जीवन जीने का, एक अच्छे ज्योतिषी की अच्छी राय से हम न सिर्फ भविष्य के प्रति सचेत हो सकते हैं, बल्कि हमारे जीवन की आगामी रूपरेखा भी तय कर सकते हैं! आज वर्तमान समय में दुनिया बहुत तरक्की कर चुकी है! व्यापार, अध्ययन एवं धन कमाने के कई नये द्वार खुल चुके हैं! एक अच्छे ज्योतिष की सलाह से हम उचित एवं हमारे ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से अनुकूल व्यापार, विद्या या नौकरी का चयन कर सकते हैं! यहां पर नकारात्मक विचारधारा एवं ज्योतिष को संदेह की दृष्टि से देखने वाले यह कह सकते हैं कि जो होना है वही होगा, चाहे कितना ही प्रयास कर लीजिये, भाग्य से अतिरिक्त कुछ नहीं होगा! मुझे उनकी उक्त बात से नाइत्तफाकी नहीं है! मैं भी इस बात का समर्थन करता हूं कि जो होना है वही होगा! भाग्य का लिखा टल नहीं सकता है, लेकिन मैं ये भी लिखना चाहता हूं कि मात्र भाग्य के सहारे तो हाथ पर हाथ रख कर बैठा नहीं जा सकता है! कर्म तो प्रधान है ही! महाभारत में श्री कृष्ण ने भी यही कहा है कि कर्म प्रधान है, इसिलिए हम अपना प्रयास, अपना कर्म करते रहते हैं! जब हम रोगी हो जाते हैं तो डाक्टर के पास जाते हैं! किसी कानूनी झमेले में फंस जाते हैं तो वकील के पास जाते हैं!

मात्र ये सोच कर की जो होना है होगा, बैठे तो नहीं रहते! एक डाक्टर भी अपने मरते हुए रोगी को जिसके बारे में वह अच्छी तरह से जानता है कि वो बच नहीं सकता, फिर भी उसकी आखिरी सांस तक वह अपना प्रयास जारी रखता है! एक वकील कमजोर से कमजोर मुकदमे में भी अपने पक्षकार को बचाने में अपनी पूरी ताकत झोंक देता है! जब हम उन पर विश्वास कर सकते हैं तो एक अच्छे ज्योतिषी और ज्योतिष विद्या पर क्यों नहीं, जब कि एक अच्छा डाक्टर भी लम्बी-चौड़ी मेडिकल जांचों के बाद ही इस निश्चय पर पहुंच पाता है कि मरीज को क्या एवं किस अंग से सम्बन्धित रोग हो सकता है, जब कि एक अच्छा ज्योतिषी मात्र आपकी जन्म-पत्रिका से यह बता सकता है कि व्यक्ति को क्या तथा किस अंग से सम्बन्धित रोग होगा तथा वह कब तक पूर्ण रूप से ठीक होगा! एक अच्छा ज्योतिषी ही बता सकता है कि मुकदमे में आपकी जीत होगी या हार! वकील साहब सिर्फ मेहनत कर सकते हैं, मुकदमा लड़ सकते हैं, लेकिन हार-जीत का फैसला मुवक्किल की स्वंय की किस्मत पर है, जो आपको सिर्फ एक अच्छा ज्योतिषी ही आपकी जन्म-पत्रिका देख कर बतला सकता है! मेरी नजर में ज्योतिष एक महान विद्या तो है ही, बल्कि यह जीवन जीने का एक ईश्वरीय सहारा भी है! यह इन्सान को जीने का सहारा प्रदान करता है, भविष्य के प्रति सचेत करता है, उसको जीने के प्रति एक आस बंधाता है! जब हम किसी परेशानी में होते है या जीवन के बुरे समय से गुजर रहे होते हैं तो किसी ज्योतिषी की शरण में जाते हैं और ज्योतिषी हमारी जन्म पत्रिका देखकर बताता है कि इतना समय आपका खराब है, उसके बाद यह परेशानी खत्म हो जायेगी तो उसके इतना कहने और इस आस इस उम्मीद में कि कुछ समय की बात है, यह समय भी ईश्वर का गुणगान करते हुए निकल जायेगा और इसके बाद हमारा अच्छा समय आयेगा, हमारे में जीने की और उस समस्या से रूबरू होने की शक्ति एकत्रित होने लगती है और हम चाह कर भी कोई गलत कदम या गलत फैसला नहीं लेते, तो इससे अच्छा और जीवन जीने का सहारा क्या हो सकता है!!

एक विद्वान ज्योतिषी की अच्छी राय से हम हमारे भविष्य की रूपरेखा बना सकते हैं! हमारे बच्चों को उनके ग्रह अनुकूल क्षेत्र में भेजकर उनका भविष्य उज्जवल बना सकते हैं, अल्प समय के लिए आयी हुई परेशानियों को टाल कर पारिवारिक विघटन से बच सकते हैं तो फिर इस विद्या या इसके जानकारों पर भरोसा क्यों नहीं कर सकते? आज बड़े से बड़े क्षेत्र और राष्ट्रों में ग्रहों और उनसे मानव जीवन पर पडऩे वाले प्रभाव और सृष्टि के विकास में उनके योगदान पर अनवरत अध्ययन एवं अनुसंधान जारी है! अमेरिका के नासा तक में हजारों वैज्ञानिक रात-दिन खगोल शास्त्र अर्थात एस्ट्रोनोमी के अन्तर्गत ग्रहों एवं नक्षत्रों के प्रभावों का अध्ययन एवं अनुसंधान कर रहे हैं! स्वंय हमारे देश के माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपने एक फैसले में इसे विज्ञान माना है और उसी की बदौलत आज हमारे देश में कई यूनिर्वसिटीज ने इसे अपने पाठ्यक्रमों में शामिल किया है! आज कई विश्वविद्यालयों में इसके कोर्स एवं उपाधी कार्यक्रम चल रहे हैं!! अत: मेरी नजर में ज्योतिष पूर्णतया एक वैदिक साइन्स, विज्ञान है! इसमें किसी प्रकार की शंका की कोई आवश्यकता नहीं है! बल्कि मैं तो यहां तक कहना चाहूंगा कि प्रत्येक इंसान का प्रत्येक परिवार का जिस प्रकार पारिवारिक डाक्टर, पारिवारिक वकील, पारिवारिक कर सलाहकार होता है, उसी प्रकार एक पारिवारिक ज्योतिषी भी होना चाहिये, जिससे कि समय-समय पर हम जानकारी लेकर भविष्य के प्रति हमारा मार्ग प्रशस्त कर सकें!

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